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खाद को लेकर किसानों ने बण्डा -सागर -कानपुर रोड पर लगाया जाम

बण्डा विधायक तरवर सिंह के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे किसान

एक दिन पहले सागर कलेक्टोरेट में प्रदर्शन कर कलेक्टर को सौपा था ज्ञापन

किसानों का लगातार बढ़ता जा रहा आक्रोश

व्यवस्था बनाने में लाचार प्रशासन

बोबनी को लेकर किसान हो रहे परेशान

सागर। रबी सीजन की बोबनी को लेकर किसान यूरिया और डीएपी खाद को लेकर परेशान हो गया है।वही खाद की व्यवस्था बनाने में  लाचार नजर आ रहा है।सोमवार को किसानों ने खाद नही मिलने पर   सागर कानपुर रोड़ मकरोनिया पर जाम लगा दिया था।जिसके बाद आसानी से किसानों को खाद उपलब्ध कराने का भरोसा मोके पर पहुँचे अधिकारियों ने दिया था।लेकिन स्थिति जस की तस है।मंगलवार को खाद नही मिलने से नाराज किसानों ने बण्डा नगर के सागर कानपुर  रोड पर चक्काजाम कर दिया।जिसका नेतृत्व बण्डा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक तरवर सिंह कर रहे थे।जिनके द्वारा एक दिन पहले ही कलेक्टोरेट का घेराव कर ज्ञापन सौपकर खाद की व्यवस्था बनाने की मांग मोके पर पहुंचे कलेक्टर दीपक आर्य से की थी।लेकिन  खाद की व्यवस्था नही होने से वह किसानों के साथ सड़को पर उतर गए।राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई।मोके पर एसडीएम शशि मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और पुलिस बल पहुँचा।यहाँ बता दे कि विधायक तरवर सिंह का सोसल मीडिया मैं एक वीडियो भी चल रहा है।जिसमे वह किसानों की पीड़ा को लेकर रोते हुए यह कह रहे है कि खाद की समस्या नही करा पा रहे है।क्योंकि वह विपक्ष के विधायक है।उनकी कोई नही सुन रहा है।लेकिन वह किसानों के लिए अपनी जान तक देने तैयार है।

किसानो का आरोप पहले क्यो नही बनी खाद की व्यवस्था

चक्का जाम कर रहे किसानों का कहना था कि कृषि उपज मंडी में खाद को लेकर बनाये गए सेंटर में उन्हें खाद नही मिल पा रही है।उनकी सुनने वाला भी कोई नही है।यहाँ बिचौलियों का बोलवाला है।लाइन में लगे किसानों का नंबर नही आ पा रहा है।दूसरी ओर जिनका प्रभाव है ।उन्हें आसानी से खाद मिल रही है जबकि वह सुबह से खाद को लेकर लाइन में लगे है। मौके पर अधिकारी और पुलिस बल पहुँचा जहाँ वह किसानों को समझाइश देते नजर आए।किसानों का कहना था कि जब सभी को पता है कि रबी सीजन में खाद की जरूरत रहती है फिर इसकी पहले से पर्याप्त व्यवस्था क्यो नही की गई।मांग के अनुरूप किसानों को खाद क्यो नही मिल पा रही।अगर उन्हें समय से खाद नही मिलेगी तो वह कैसे बोबनी कर पाएंगे।अगर उनकी समय से बोबनी नही हुई तो फिर इसका जिम्मेदार कौन होगा।किसानों के इन सवालों के जबाब उपस्थित अधिकारी नही दे पा रहे थे।

रेलवे ट्रेक पर लेटे किसानों ने रोकी पंजाब मेल 

जिले के बीना में भी खाद को लेकर मारामारी चल रही है।यहाँ खाद नही मिलने से नाराज किसानो ने पंजाब मेल रोक दी।करीब 30 मिनिट तक किसान रेलवे ट्रेक पर ही  लेटे रहे।वही  पंजाब मेल करीब 8 मिनट तक खड़ी रही। इस  बीच।किसानों का प्रशासन के खिलाफ गुस्सा साफ झलक रहा था।।अगर समय रहते प्रशासन ने ध्यान नही दिया तो स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ सकती है।

मांग और आपूर्ति में भारी कमी

जिले में रबी सीजन की बोबनी को लेकर 178 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को वितरित होने वाले खाद को लेकर पहले से ही मांग पत्र जिला विपरण संघ को प्रेषित कर दिए गए थे।लेकिन विपरण संघ मांग पत्र के अनुसार समितियों को खाद उपलब्ध नही करा पा रहा है।सूत्रों का तो यह तक कहना था कि  जिला विपरण संघ  द्वारा समय से मांग पत्र राज्य शासन को नही भेजे गए जिसके कारण मांग के अनुरूप किसानों को खाद उपलब्ध नही हो पा रही है।जबकि पिछले साल खाद को लेकर किसानों को इतनी मशक्कत नही करना पड़ी।जितनी इस सीजन में है।अब ऐसे में जांच का विषय है कि आखिर जिला विपरण संघ समय से मांग पत्र भेजने में पीछे कैसे रहा?अगर ऐसा नही होता तो फिर सहकारी समितियों को यूरिया की 11 हजार टन की आवश्यकता है।लेकिन मुश्किल से 2 हजार टन की आपूर्ति हो पाई।डीएपी 12 हजार टन चाहिए लेकिन 2200 टन ही मिल सकी।एपीआरके खाद 400 टन मिल पाया जरूरत 800 टन की है।वही जिले को मिली रेको कि बात करे तो अभी तक जिले को खाद के रूप में 4 रेक ही मिल पाई।