मप्र मांझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदर्शन के बाद कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा
भोपाल। छोटा तालाब के पट्टा के लिए अपात्रों की मछली पालन विभाग से अनुशंसा की जा रही है। इसके साथ ही कांग्रेसी नेता और मंत्री के निज सचिव के दबाव के कारण असली मछुआरों की पात्र संस्था की बार-बार जबरिया जांच होती रहती है, जबकि पात्र संस्था को हाईकोर्ट से स्थगन मिला हुआ है।
यह आरोप लगाते मप्र माझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों मछुआरों ने बुधवार को कमिश्नर आॅफिस पर प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद ज्ञापन सौंपा। समिति के प्रांतीय संयोजक टीकाराम रायकवार ने बताया कि भोपाल के छोटा तालाब की लीज के लिए आदर्श संस्था पात्र है, फिर भी मछली पालन मंत्री के निज सचिव जीवन रजक और कांग्रेसी नेता कृष्णा घाडगे की मिलीभगत से नकली मछुआरों की अपात्र संस्था को पट्टा दिलाने की कोशिश हो रही है। कांग्रेसी नेता घाडगे अपने 30-40 समर्थकों के साथ सहायक संचालक मत्स्यपालन सत्यप्रकाश सैनी के कार्यालय में ज्यादातर समय बिताता है। इनके दबाव के कारण ही आदर्श संस्था पात्र होने के बाद भी फर्जी शिकायतों के आधार पर आए दिन जांच के लिए मंत्री के यहां से लेटर जारी होते रहते हैं। शिकायत सुनने के बाद कमिश्नर ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।